सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर लगी रोक हटाने वाली याचिका को खारिज। न्यायमूर्ति नागरत्ना और भुइयां ने कहा कि टाइटल में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है जो समुदाय की इज्जत पर सवाल उठाए। दो दिनों बाद रिलीज होने वाली फिल्म को अब कोई कानूनी चुनौती नहीं बाकी।
विवाद तब भड़का जब ट्रेलर में यादव समुदाय की लड़की का अंतरजातीय प्रेम दिखा। उत्तर प्रदेश में पोस्टर फूंके गए, हंगामा हुआ और ट्विटर पर ट्रेंड चला। अभिनेत्री प्रगति तिवारी ने सफाई दी कि फिल्म सम्मानजनक है।
कोर्ट ने साफ किया कि केवल आशंका के आधार पर फिल्मबंदी नहीं हो सकती। ‘घूसखोर पंडित’ से अलग यह केस है। सेंट्रल बोर्ड ने प्रमाणपत्र दे दिया था। 27 फरवरी को रिलीज से दर्शक उत्साहित।
फिल्म उद्योग में यह फैसला सकारात्मक संदेश देता है। विवाद ने प्रचार तो बढ़ा ही दिया है, सफलता की उम्मीदें प्रबल। सिनेमा और समाज के रिश्ते को नई दिशा मिली है।