पूर्व इजरायली पीएम सलाहकार डेनियल रूबेनस्टीन ने तेल अवीव से कहा कि नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू के मजबूत निजी रिश्ते भारत-इजरायल सहयोग को नई दिशा देंगे। मोदी का इजरायल दौरा ऐतिहासिक होगा, जिसमें वे पहली बार संसद को संबोधित करेंगे।
पिछले दशक में दोनों देशों ने रक्षा, कारोबार, खेतीबाड़ी, चिकित्सा और पर्यटन में लंबी छलांग लगाई है। रूबेनस्टीन बोले, नेतन्याहू-मोदी की जोड़ी हर सरकारी स्तर पर प्रभाव डालती है। उनकी सहजता संबंधों को मजबूत बनाती है।
हिंद महासागर और भूमध्य सागर के लोकतंत्रों के बीच व्यापार के सुनहरे द्वार खुल रहे हैं—चाहे जहाजरानी हो, संपर्क हो या एआई। क्षेत्रीय साझेदारों से विकास के मौके भरपूर हैं। यह यात्रा ऐसी साझेदारियों की नींव रखेगी।
दोनों राष्ट्र कठिन पड़ोस में रहकर रक्षा पर जोर देते हैं। इजरायल का रक्षा क्षेत्र विशाल है। आतंकवाद के खिलाफ साझा अनुभव वाले ये देश नए करारों पर चर्चा करेंगे, जो सहयोगियों को बुलावा और विरोधियों को सबक सिखाएंगे।
इस दौरे से भारत-इजरायल रिश्ते और गहरे होंगे, जिसमें सुरक्षा और नवाचार के नए आयाम उभरेंगे।