एआईएमआईएम दिल्ली प्रमुख शोएब जमई ने रमजान के दौरान मुस्लिम सरकारी कर्मियों के लिए जल्दी छुट्टी की जोरदार वकालत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि दिल्ली के जामभरे रास्तों के कारण इफ्तार समय पर घर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। समयबद्ध छूट से कर्मचारी अपने धार्मिक फर्ज निभा सकेंगे।
मीडिया से चर्चा में जमई ने भावुक होकर कहा, ‘परिवार के साथ इफ्तार का पल अनमोल है। ट्रैफिक की मार में यह छिन जाता है। सरकारी दफ्तरों को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।’
लुधियाना यूनिवर्सिटी के इफ्तार विवाद पर उन्होंने छात्रों का पक्ष लिया। ‘कश्मीरी युवा देशभर में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। रोजा उनका आध्यात्मिक अनुष्ठान है। अन्य त्योहारों का आदर होता है, तो इफ्तार क्यों न हो?’
बिहार के मीट-फिश बैन पर जमई ने तथ्यों का सहारा लिया। ‘यह हाइजीनिक कारणों से है। देश में अधिकांश हिंदू भी नॉन-वेज खाते हैं। विवादास्पद न बनाएं।’
एआई समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर जमई ने तीखा प्रहार किया। ‘विपक्ष निभाएं, लेकिन देश को बदनाम न करें। हमारी एआई टीम समिट में थी। हमने पर्दे के पीछे आलोचना की, मंच पर हंगामा नहीं। अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में गरिमा जरूरी है।’
रमजान नजदीक आते ही जमई की मांग बहस छेड़ रही है। क्या दिल्ली सरकार धार्मिक छूट को मंजूरी देगी? आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी।