सर डॉन ब्रैडमैन—क्रिकेट के वो बादशाह जिनके आगे गेंदबाज घुटने टेकते थे। बचपन में टेनिस स्टार बने ब्रैडमैन को क्रिकेट का चस्का सिडनी ग्राउंड ने लगाया। 52 टेस्ट में 99.94 औसत से 6996 रन, 29 सेंचुरी, 12 डबल सेंचुरी—ये उनके दबदबे की मिसाल हैं। इंग्लैंड को 19 शतकों से घायल किया।
डेब्यू 1928 में फीका रहा, लेकिन 1930 एशेज में 974 रन का तूफान आया। सात पारियों का ये कमाल किसी ने दोहराया नहीं। कभी डक पर आउट नहीं हुए।
बॉडीलाइन सीरीज में इंग्लैंड की साजिश रंग न लाई। शरीर को निशाना बनाया, लेकिन ब्रैडमैन ने 56 औसत से जवाब दिया। उनकी हिम्मत ने क्रिकेट को नई दिशा दी।
गोल्फ बॉल और टैंक से प्रैक्टिस ने बनाया परफेक्ट बल्लेबाज। 1908 में जन्मे ब्रैडमैन 2001 तक जिए। उनकी विरासत क्रिकेट की धरोहर है, जो हर पीढ़ी को चुनौती देती है।