नई दिल्ली से केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार को कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 2.94 लाख सरकारी नौकरियां खाली हैं और युवाओं के विरोध को नजरअंदाज करना घातक साबित होगा।
धारवाड़ के बड़े प्रदर्शनों को आधार बनाते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि भर्ती में देरी ने युवाओं को सड़कों पर धकेल दिया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया, शांति की अपील की और भरोसा दिलाया कि वे उनके साथ हैं।
कैबिनेट पदों की तुरंत भर्ती के विपरीत निचले स्तर के पद उपेक्षित हैं, जो कांग्रेस की प्राथमिकताओं को उजागर करता है। आयोग की रिपोर्ट बताती है कि 7 लाख युवा सरकारी नौकरियों के लिए तरस रहे हैं।
तीन साल सत्ता की जंग में निकल गए, भर्ती प्रक्रिया ठप। बेरोजगारी को ज्वालामुखी बताते हुए उन्होंने तत्काल बजटीय इंतजाम की मांग उठाई। शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस में भारी कमी; बेंगलुरु के प्रमुख थानों में इंस्पेक्टरों की कमी ट्रांसफर नीतियों का नतीजा।
यह शासन पर भारी पड़ रहा है। कुमारस्वामी ने विधान सौधा से नीचे उतरकर युवा आक्रोश सुनने की चेतावनी दी, नहीं तो सरकार को महंगा पड़ेगा।