आग से जूझे संजय कुमार की दिल्ली रवाना करने की कोशिश पर मौत का साया मंडा गया। चतरा के सिमरिया में एयर एंबुलेंस के गिरने से सात जिंदगियां खत्म हो गईं। परिवार ने 8 लाख रुपये का कर्ज उठाया था, लेकिन 23 मिनट की उड़ान में सब कुछ स्वाहा हो गया।
चंदवा के ढाबा मालिक संजय 16 फरवरी को आग की चपेट में आ गए थे। 65 फीसदी जलने के बावजूद रांची अस्पताल में सुधार न होने पर दिल्ली का सहारा लिया गया। रेड बर्ड कंपनी की एयर एंबुलेंस बुक करने के लिए परिजनों ने हर संभव मदद मांगी।
रांची से 7:10 बजे रवाना हुए विमान में संजय, अर्चना, ध्रुव, चालक दल, डॉ. विकास गुप्ता और सचिन मिश्रा थे। एटीसी से संपर्क 7:34 बजे टूटा और विमान सिमरिया में जा गिरा। डॉ. गुप्ता सदर अस्पताल के विशेषज्ञ थे, जिनकी पत्नी बैंक में हैं और छोटा बेटा अनाथ हो गया।
लातेहार से सटे इलाके में यह हादसा पहला नहीं है। तकनीकी खराबी या मौसम की मार? जांच जारी है। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। एयर एंबुलेंस सेवाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। झारखंड सरकार ने मृतकों के परिजनों को सहायता का ऐलान किया है, लेकिन खोई जिंदगियां कभी वापस नहीं आएंगी।