आईजीएसटीसी कॉन्क्लेव 2026 के दौरान विज्ञान भवन में जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने जल संसाधनों के प्रबंधन पर जोर दिया। भारत सहित विश्व में पानी की बराबर बंटवारे के लिए स्मार्ट तकनीकों की अपील की।
इंडिया एआई समिट को सफल बताते हुए 80 से ज्यादा देशों के हस्ताक्षरों वाली डिक्लेरेशन की प्रशंसा की। भारत के आयोजन कौशल और जर्मन मंत्री की संतुष्टि का उल्लेख किया।
पानी को सबसे महत्वपूर्ण संसाधन करार देते हुए चेताया कि गैस-तेल के मुकाबले जल विवाद बढ़ेंगे, खासकर चीन के ब्रह्मपुत्र बांध योजनाओं से।
महानगरों में स्वच्छ जल की किल्लत का जिक्र कर कहा कि हमें बुद्धिमान वितरण तंत्र विकसित करने होंगे। आईजीएसटीसी की 2026 योजना को सराहा।
भारतीय गांवों में नदी संरक्षण पर विशेषज्ञ के व्याख्यान ने कॉन्क्लेव को प्रासंगिक बनाया। वैज्ञानिकों व कार्यकर्ताओं का सहयोग उपयोगी सिद्ध हो रहा है।
पानी के दुरुपयोग पर पश्चाताप जताते हुए यूएन के अधिकार को याद दिलाया। भारत-जर्मनी मिलकर समावेशी समाधान लाएंगे।