एआईसीसी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने एआई समिट के दौरान युवा कांग्रेस के नंगे धड़ वाले विरोध को उचित ठहराया। बेंगलुरु से उन्होंने इसे देश के हित में कदम बताते हुए गिरफ्तारी कार्रवाई को गैर-लोकतांत्रिक करार दिया।
खड़गे ने मीडिया को बताया कि कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारी की मार और किसानों पर अन्याय उजागर करने के मकसद से यह प्रदर्शन किया। दिल्ली में हुए इस हंगामे के बाद युवाओं को हिरासत में लेना अन्यायपूर्ण है।
सरकार के अंतरराष्ट्रीय फैसलों की आलोचना करते हुए उन्होंने अमेरिका से जुड़े समझौतों को किसान-विरोधी कहा। ट्रंप की मांगें मानकर रूस का तेल बंद करना देशहित के खिलाफ है। मोदी सरकार पर विदेशी हितों को प्राथमिकता देने का इल्जाम लगाया।
जमानत से इनकार को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए खड़गे ने भाजपा के छवि-हानि के दावों को खोखला साबित किया। राष्ट्रमंडल खेलों में भाजपा नेताओं के विरोध को याद दिलाया।
यह प्रदर्शन जागृति का प्रतीक है। खड़गे ने युवाओं के संघर्ष का साथ दिया और किसान-युवा मुद्दों पर आंदोलन तेज करने की बात कही। राजनीतिक घमासान अब चरम पर है।