पोर्ट ब्लेयर से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद पवन हंस का हेलीकॉप्टर मंगलवार को समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग के लिए विवश हो गया। मायाबंदर के आसपास यह घटना सुबह 9:30 बजे हुई, लेकिन चमत्कारिक रूप से सातों सवार बिल्कुल सुरक्षित बच निकले।
श्री विजयपुरम एयरपोर्ट से प्रस्थान के बाद तकनीकी समस्या से जूझते हुए पायलटों ने रनवे से 300 मीटर पहले पानी पर कंट्रोल्ड लैंडिंग कराई। बचाव दल ने फुर्ती दिखाते हुए क्रू और यात्रियों को तुरंत सुरक्षित स्थानांतरित कर दिया। कंपनी प्रवक्ता ने पायलटों के कौशल की तारीफ की।
एक दिन पूर्व झारखंड हादसे की त्रासदी अभी ठंडी भी नहीं हुई थी, जहां रेडबर्ड एयर एम्बुलेंस क्रैश में सात जिंदगियां खो गईं। रांची-दिल्ली फ्लाइट 7:11 बजे उड़ी, 7:34 बजे कोलकाता से आखिरी संपर्क हुआ और फिर 100 नॉटिकल मील दूर वन में दुर्घटना हो गई।
कैप्टन विवेक भगत, सवराजदीप सिंह, डॉ. विकास गुप्ता, सचिन मिश्रा जैसे नामों का अंतिम संस्कार हो चुका है। नागरिक उड्डयन विभाग दोनों मामलों की गहन जांच कर रहा है, जिसमें रखरखाव और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर जोर दिया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों में उड़ान सुरक्षा को मजबूत करने की मांग तेज हो गई है।