दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखा प्रहार किया। इंडियन यूथ कांग्रेस प्रमुख उदय भानु चिब की गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए उन्होंने तुरंत रिहाई की मांग उठाई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने इसे तानाशाही का प्रतीक कहा।
एक्स पर बयान जारी कर बघेल ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाना और शांतिपूर्ण विरोध अपराध नहीं। युवा कार्यकर्ताओं ने एआई समिट में पीएम के अधूरे वादों और युवाओं की पीड़ा को उजागर किया, जो साहसी कदम था।
प्रगति मैदान के भारत मंडपम में शर्ट उतारकर किया गया प्रदर्शन बिना किसी हिंसा के था। फिर भी पुलिस ने दमनात्मक रुख अपनाया। तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं।
भाजपा राहुल गांधी से माफी मांगने को कह रही है, जबकि कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला मानती है। बघेल ने सभी पर लगे आरोप हटाने और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की।
यह विवाद राजनीतिक दलों के बीच नए टकराव का संकेत देता है। भूपेश बघेल का नेतृत्व युवा कांग्रेस को मजबूती देगा। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए विपक्ष सतर्क खड़ा होगा।