तकनीकी जगत में हलचल मचाने वाली खबर—चीनी शोधकर्ताओं ने फाइबर ऑप्टिक और वायरलेस कम्युनिकेशन को क्रॉस-नेटवर्क में बदल दिया है। दुनिया का पहला ऐसा सिस्टम विकसित कर उन्होंने 6जी के द्वार खोल दिए हैं। 19 फरवरी को नेचर में प्रकाशित इस पेपर ने डेटा स्पीड के नए मानक गढ़े हैं।
पेकिंग यूनिवर्सिटी के वाइस डीन वांग शिंगच्युन की टीम ने ‘फाइबर-वायरलेस इंटीग्रेटेड सिस्टम’ तैयार किया, जो दोहरी मोड ट्रांसमिशन प्रदान करता है। हस्तक्षेप से लड़ने की इसकी क्षमता पारंपरिक सिस्टम से कहीं बेहतर है।
फाइबर की स्थिरता और वायरलेस की स्वतंत्रता का यह मेलजोल भविष्य की जरूरतों को पूरा करेगा। कल्पना कीजिए—टेराबिट स्पीड पर बिना रुकावट डेटा प्रवाह, जो आईओटी, वीआर और स्मार्ट ग्रिड के लिए वरदान साबित होगा।
टीम के अनुसार, सिस्टम पर्यावरण के अनुरूप खुद को ढाल लेता है, जिससे कनेक्टिविटी कभी कमजोर नहीं पड़ती। वैश्विक स्तर पर 6जी मानकों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है यह आविष्कार।
चीन की यह प्रगति तकनीकी नेतृत्व को मजबूत करती है। जल्द ही व्यावसायिक उत्पादन से उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा यह चमत्कार, जो डिजिटल दुनिया को नया आकार देगा।