चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली के साथ 22 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल 2026 से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू करने की योजना बनाई है। 13 क्षेत्रों में चल रही प्रक्रिया संपन्न होने को है।
सूची में शामिल हैं- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली व दमन-दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना, उत्तराखंड।
गुरुवार को जारी निर्देशों में मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से SIR की तैयारियां तेज करने को कहा गया। सचिव पवन दीवान ने स्पष्ट किया, ‘अप्रैल 2026 से शुरू हो रहे SIR के लिए सभी प्रारंभिक कार्य तत्काल पूर्ण करें।’
यह 2025 के आदेशों का क्रियान्वयन है- 24 जून को सभी राज्यों के लिए SIR, 5 जुलाई को बिहार को छोड़कर प्री-रिवीजन, और 27 अक्टूबर को 12 क्षेत्रों में लॉन्च।
वेस्ट बंगाल से खबरें बता रही हैं कि 20 लाख वोटर दस्तावेज ड्राफ्ट सूची जांच से पहले डीईओ स्तर पर री-वेरिफिकेशन में अटके हैं। सीईओ स्रोतों का कहना है कि ये ‘लॉजिकल गड़बड़ियों’ के मामले हैं।
माइक्रो-ऑब्जर्वरों ने पाया कि दस्तावेज आयोग द्वारा मान्य 13 आईडी प्रूफ से मेल नहीं खा रहे। डीईओ को इन्हें दोबारा जांचकर रिपोर्ट देने के निर्देश हैं।
SIR के जरिए आयोग नकली वोटरों को हटाने और सूची को पारदर्शी बनाने पर जोर दे रहा है, जो स्वच्छ चुनावों की गारंटी देगा।