ईरान मुद्दे पर अमेरिका गंभीर मोड में है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू 28 फरवरी को आमने-सामने हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, बढ़ते खतरे के बीच अमेरिका सैन्य और कूटनीतिक कदमों को अंजाम दे रहा है।
जिनेवा बैठक में ईरान ने अमेरिकी शंकाओं पर लिखित जवाब देने का वादा किया, जो टकराव रोकने का आधार बनेगा। रुबियो ट्रंप सरकार के सुरक्षा तंत्र के प्रमुख स्तंभ हैं।
व्हाइट हाउस सिचुएशन रूम में बुधवार को चर्चा हुई, जिसमें मार्च मध्य तक ऑपरेशनल तैयारी की बात कही गई। सीबीएस न्यूज के अनुसार, ट्रंप को बताया गया कि सप्ताह के अंत तक स्ट्राइक संभव है, मगर फैसला उनका होगा।
मिडिल ईस्ट से अमेरिकी स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा सकता है। नेतन्याहू ने ट्रंप से ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और हमास-हिज्बुल्लाह फंडिंग को डील में शामिल करने की मांग की। यह स्थिति मध्य पूर्व के भविष्य को प्रभावित करेगी।