इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में गूगल प्रमुख सुंदर पिचाई ने खुलासा किया कि एआई ने उन्हें सबसे बड़े सपनों के लिए प्रेरित किया है। नई दिल्ली में विश्व नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने इसे जीवनकाल का सबसे महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बदलाव बताया।
कोई अन्य तकनीक एआई जितनी प्रेरणादायक नहीं, पिचाई ने कहा। यह नई खोजों के दौर पर खड़ी है जो विकासशील देशों की कमियों को दूर कर सकती है। उन्होंने सभी पक्षों से साहसी, सहयोगी और उत्तरदायी प्रयासों की मांग की ताकि एआई का फायदा सर्वसामान्य तक पहुंचे।
एआई के लाभ निश्चित नहीं, इसकी चिंता जताई। गूगल डीपमाइंड के अल्फाफोल्ड का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यह प्रोटीन संरचना की क्रांति लाई है। 190+ देशों में 30 लाख से ज्यादा वैज्ञानिक इसका उपयोग मलेरिया टीके बनाने में कर रहे हैं।
अल्फाफोल्ड ने वर्षों के डेटा को सार्वजनिक डेटाबेस बना दिया। गूगल डीएनए विश्लेषण और वैज्ञानिक साझेदार एआई टूल्स पर काम कर रहा है। भारत में 15 अरब डॉलर के निवेश के तहत विशाखापत्तनम एआई हब उभर रहा है।
भारत के परिवर्तन की रफ्तार ने पिचाई को चमत्कृत किया। एआई से अरबों जीवन बदलने का मौका है, इसलिए निर्भीक रहें। इंडिया-यूएस कनेक्ट से विशाल समुद्री केबल नेटवर्क बनेगा, जिसमें चार नई लाइनें शामिल।
किसानों के लिए एआई चमत्कार साबित हो रहा। पिछले वर्ष सरकारी एआई अलर्ट्स ने लाखों को मौसम जोखिम से बचाया। पिचाई का आह्वान है कि एआई को सामूहिक जिम्मेदारी से अपनाएं, ताकि यह वैश्विक समृद्धि का इंजन बने।