केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में चीनी रोबोटिक डॉग को भारतीय तकनीक बताए जाने के विवाद को ‘गंभीर लापरवाही’ ठहराया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कार्यक्रम समाप्ति के बाद सरकार इसकी सख्ती से समीक्षा करेगी।
गलगोटिया यूनिवर्सिटी के पवेलियन में यूनिट्री जीओ2 मॉडल को自家 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का कमाल बताया गया। हकीकत में यह चीन स्थित यूनिट्री रोबोटिक्स का बनाया हुआ है, जिसके खुलासे ने हंगामा मचा दिया।
मीडिया से बातचीत में पासवान ने तीखे लहजे में कहा कि वैश्विक पटल पर विदेशी उत्पाद को अपना बताना देशहित के खिलाफ है। ऐसी भूलें भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को धक्का पहुंचा सकती हैं। प्रतिनिधि के शब्दों का हवाला देते हुए उन्होंने स्थिति को बचाने की कोशिश पर सवाल उठाए।
एआई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में देशव्यापी समिट के समय यह चूक स्वीकार्य नहीं। सरकार की ओर से निर्देश है कि भ्रामक प्रस्तुतियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रोफेसर नेहा सिंह के साक्षात्कार से विवादास्पद दावा सामने आया, जिसमें रोबोडॉग को ‘ओरियन’ नाम देकर विश्वविद्यालय का बताया। बाद में इसे गलतफहमी करार दिया गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बयान जारी कर खेद जताया और स्पष्ट किया कि व्यक्ति तकनीकी रूप से अनभिज्ञ था तथा अधिकृत नहीं।
यह घटना तकनीकी आयोजनों में सत्यापन प्रक्रिया मजबूत करने की मांग को बल देती है।