इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के चौथे दिन नई दिल्ली में अल्फाबेट-गूगल के प्रमुख सुंदर पिचाई भारतीय जीआई कॉफी के दीवाने हो गए। लाउंज में मालाबार अरेबिका चखकर उन्होंने ‘वॉव!’ का उद्गार निकाला, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
भारत जीआई कॉफी लाउंज, जो डीपीआईटी की देन है, ने अराकू-कूर्ग की कॉफी से समिट को रंगीन बना दिया। पिचाई ने बारिस्टा से बात की, कॉफी पी और फोटो सेशन किया। जीआई, यूपीआई और एआई का यह त्रिवेणी संगम सभी को भाया।
प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन के बाद चली समिट में पिचाई ने भारत की गति को प्रभावशाली बताया। भारत-अमेरिका कनेक्ट के तहत चार नई अंडरसी फाइबर सिस्टम बिछाए जा रहे हैं।
एआई के साहसिक उपयोग पर जोर देते हुए उन्होंने प्रोटीन फोल्डिंग की चुनौती का उदाहरण दिया, जो अब 190 देशों में 30 लाख वैज्ञानिकों के लिए संभव हो गई है। मलेरिया वैक्सीन जैसी खोजें तेज हो रही हैं।
15 अरब डॉलर के निवेश से गूगल भारत में एआई हब गढ़ेगा, जो स्वास्थ्य से कृषि तक फैलेगा। 300 पवेलियन, 600 स्टार्टअप्स ने लोगों, पर्यावरण और विकास पर लाइव डेमो दिखाए। 500 सत्रों में 3250 विशेषज्ञों ने एआई को समावेशी बनाने पर चर्चा की।
समिट ने भारत की एआई महत्वाकांक्षा को मजबूती दी, और पिचाई का कॉफी पल ने इसे और रोचक बना दिया।