पंजाब के जालंधर में ईडी ने डिजिटल अरेस्ट माफिया पर शिकंजा कसा और 14 फरवरी 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत 1.76 करोड़ रुपये जब्त कर लिए। मृत्युंजय मल्टीट्रेड के खाते से अटैच राशि साइबर ठगों की कमाई थी, जो प्रसिद्ध उद्योगपति एस.पी. ओसवाल से 7 करोड़ ऐंठने वाले मामले से जुड़ी है।
बीएनएसएस के तहत लुधियाना पुलिस की शिकायत पर ईडी ने पर्दा उठाया। सीबीआई बनकर ठगों ने 2023 में ओसवाल को डराया-धमकाया। रूमी कलिता व अर्पित राठौर ने फ्रोजनमैन लॉजिस्टिक्स व रिग्लो वेंचर्स जैसे शेल खातों से लेयरिंग की, फिर व्यापार के बहाने विदेश भेज दिया। 28 अगस्त 2024 को नई ठगी का पैसा भी जमा हुआ।
गरीबों को ठगकर खोले 200+ खच्चर खाते इस चक्रव्यूह का आधार बने। 2025 की तलाशी व गिरफ्तारियों से मुख्य आरोपी हिरासत में। कुल 1.73 करोड़ की और ठगी सामने आई। यह सनसनीखेज केस साइबर अपराधों के वैश्विक जाल को बेनकाब कर रहा है। ईडी की जांच तेज, और खुलासे तय हैं।