16 फरवरी को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय बादाम दिवस इस ड्राई फ्रूट के चमत्कारी गुणों का जश्न है। शुष्क जलवायु में उगने वाले बादाम पोषक तत्वों से लबालब हैं – विटामिन ई, मैग्नीशियम, फाइबर, प्रोटीन और अच्छी वसा। आयुर्वेद इन्हें हृदय रक्षक के रूप में पूजता है।
कच्चे, भुने, दूध, आटे, मक्खन, तेल या ओट्स में मिलाकर बादाम का लुत्फ लें। स्वाद के साथ स्वास्थ्य लाभ भी जुड़ जाते हैं। अध्ययनों से साबित है कि नियमित सेवन से हृदय स्वस्थ रहता है, मस्तिष्क सजग होता है, शरीर तंदुरुस्त बनता है और पेट लंबे समय भरा रहता है, जो मोटापे पर काबू पाने में सहायक है।
मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स व फाइबर एलडीएल कोलेस्ट्रॉल घटाते हैं, एचडीएल को प्रोत्साहित करते हैं। ब्लड प्रेशर सामान्य, सूजन नियंत्रित और हृदय रोगों से सुरक्षा मिलती है। धमनियां लचीली बनी रहती हैं।
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर विटामिन ई दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है, स्मृति तेज करता है और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देता है। हर उम्र के लिए उपयोगी।
फाइबर पाचन सुधारता है, शुगर लेवल कंट्रोल करता है, गट हेल्थ बेहतर बनाता है। मैग्नीशियम तनाव कम करता है, प्रोटीन-फैट्स शक्ति प्रदान करते हैं। इम्यून सिस्टम को मजबूती देकर बादाम समग्र स्वास्थ्य का साथी बनते हैं।