डबल इंजन सरकार की पहल से उत्तर प्रदेश में बीज वितरण व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो जाएगी। अप्रैल से शुरू हो रहे साथी पोर्टल पर सभी व्यापारियों को बीज की पूरी इतिहास अपलोड करना अनिवार्य होगा, जिससे नकली और मिलावटी बीजों का सफाया हो सकेगा।
किसान अब मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर बीज उत्पादक, प्रमाणन एजेंसी और टेस्ट रिपोर्ट देख सकेंगे। कृषि निदेशालय में आयोजित प्रशिक्षण में केंद्र और महाराष्ट्र के अधिकारी शामिल हुए। डॉ. पंकज त्रिपाठी ने शुभारंभ किया तथा मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए।
ये ट्रेनर जिलों में डीलरों को नई प्रक्रिया सिखाएंगे। लगभग 70 फीसदी पंजीकरण पूर्ण, बाकी को जिला कृषि अधिकारी मदद करेंगे। पोर्टल के जरिए उत्पादन से वितरण तक ट्रैकिंग संभव होगी, जो किसानों के हित में बड़ी राहत साबित होगी।
महाराष्ट्र मॉडल की सफलता से उत्साहित यूपी सरकार का यह कदम कृषि क्रांति लाएगा। फसल उत्पादन बढ़ेगा, नुकसान रुकेगा तथा किसान सशक्त होंगे।