बॉलीवुड के सुनहरे दौर की स्टार शोमा आनंद आज शांत जीवन जी रही हैं। 16 फरवरी 1958 को मुंबई में पैदा हुईं शोमा ने 1976 में ऋषि कपूर के अपोजिट फिल्म से करियर शुरू किया। 70-80 के दशक की पारिवारिक और सामाजिक फिल्मों ने उन्हें लोकप्रिय बनाया, जहां रिश्तों की गहराई कहानी का केंद्र होती थी।
नया दौर आया तो सिनेमा में एक्शन का तूफान छा गया। तेज रफ्तार, जोरदार संवाद और साहसिक दृश्यों ने पुराने फ्लेवर को पीछे छोड़ दिया। शोमा ने इंटरव्यू में साफ कहा, ‘मैं इस सिनेमा से सहज नहीं होती। किरदार अब सतही हो गए हैं, भावनाएं कहीं खो गईं।’ ऐसी परियोजनाओं से दूर रहना ही बेहतर समझा।
छोटे पर्दे पर उन्होंने कमाल कर दिखाया। ‘हम पांच’ की सफलता के बाद ‘शरारत’, ‘मायका’, ‘जिनी और जूजू’, ‘खेलती है जिंदगी आंख मिचौली’ में विविध भूमिकाओं से दर्शकों को बांधा।
पारिवारिक मोर्चे पर तारीक शाह के 2021 में जाने के बाद बेटी सारा शाह के साथ बिताए पल उनकी प्राथमिकता बने। शोमा आनंद की कहानी बॉलीवुड के दोहरे चेहरे को उजागर करती है—पुरानी सादगी बनाम नई चकाचौंध। क्या सिनेमा अपनी आत्मा खो रहा है?