तेलंगाना मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को हैदराबाद के बंजारा भवन में संत सेवलाल जयंती के अवसर पर ‘नेने राजू नेने मंत्री’ वाले बयान पर सफाई दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
नई दिल्ली में शुक्रवार को कही गई यह टिप्पणी GHMC चुनाव परिणामों के संदर्भ में थी। रेड्डी ने स्पष्ट किया, ‘सीएम व मंत्री के रूप में मैं नतीजों का पूरा दायित्व लेता हूं। मुख्यमंत्री पद पर कोई चुनौती नहीं है।’
कांग्रेस की नगर चुनावों में भारी जीत (85-90%) के बावजूद रेड्डी ने विनम्रता दिखाई। ‘जीत में अहंकार नहीं, सेवा में लगन बरकरार रहेगी,’ उन्होंने कहा। विपक्षी नेताओं पर तंज कसते हुए बोले, ‘कुछ जन्मजात राजा समझते हैं।’
देश के 15 करोड़ लंबाडा समाज के प्रणेता संत सेवलाल को नमन करते हुए रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना संघर्ष में उनकी भूमिका याद दिलाई। कांग्रेस सरकार ने जयंती को सरकारी मान्यता दी।
थंडों के विकास के लिए सड़कें बिछाने, स्कूल-पंचायत भवन बनाने, सोलर प्लांट से बिजली पहुंचाने की घोषणा की। इंदिरा गांधी के आदिवासी आरक्षण व भूमि वितरण को याद करते हुए जमीन संकट का उल्लेख किया, लेकिन शिक्षा व कल्याण पर फोकस।
अनुसूचित जाति को 30% प्रतिनिधित्व (15% आबादी), चार कैबिनेट पद व स्पीकर जैसे सम्मान दिए। लंबाडा समर्थन से बने उनके 20 साल के करियर में पिछड़े वर्गों को सत्ता में भागीदार बनाने का संकल्प।
दलित-आदिवासी सशक्तिकरण से तेलंगाना नई ऊंचाइयों को छुएगा, यह आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया।