जापान-भारत मैत्री अब सुरक्षा और प्रगतिशील तकनीक के बल पर नई दिशा पकड़ रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, द्विपक्षीय रिश्तों को इंडो-पैसिफिक हितों व सांस्कृतिक निकटता से बल मिला है।
जापानी निवेशों का उभार, सांस्कृतिक मेलजोल तथा इनोवेशन-मैन्युफैक्चरिंग सहयोग ने गति बढ़ाई। अनिश्चित विश्व परिदृश्य में दोनों स्वतंत्र, खुला इंडो-पैसिफिक चाहते हैं।
पीएम मोदी की अगस्त 2025 जापान यात्रा में शिगेरु इशिबा ने प्रगति सराही और सुरक्षा बंधन मजबूत करने को कहा। ‘समान मूल्य साझा कर हम क्षेत्रीय शांति के रक्षक हैं,’ उन्होंने जोर दिया।
स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप ऊंचाई पर ले जाने का वादा। विदेश मंत्रालय ने पूरक संबंधों पर जोर दिया जो आने वाली पीढ़ियों के लिए उपयोगी हों।
दिसंबर 2025 में ताकाइची से मोदी की वार्ता में साझेदारी विस्तार पर मुहर। पांच साल में 5 लाख लोगों का आदान-प्रदान लक्ष्य।
मोदी का रोडमैप: निवेश से राज्य-स्तरीय साझेदारी तक। 2026 ट्रैवल फेयर पर्यटन बढ़ाएगा।
रणनीतिक संवाद में क्रिकेट जर्सी उपहार प्रतीकात्मक। क्रिकेट अब संबंधों का मजबूत पुल।
व्यापार 25.17 अरब डॉलर, FDI 43 अरब। संबंध पारंपरिक से आगे, सुरक्षा-तकनीक आधारित हो गए।