नेपाल में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के मेनिफेस्टो ने राजतंत्र की बहाली और हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग कर दी है। काठमांडू में जारी घोषणापत्र में पृथ्वीनारायण शाह के उपदेशों से प्रेरित ‘पृथ्वी पथ’ को शासन का आधार बनाए जाने का ऐलान है।
पार्टी प्रमुख राजेंद्र लिंगदेन ने धर्मनिरपेक्षता को नकारते हुए सनातन धर्म प्रधान हिंदू राष्ट्र की बात कही। प्रांतों को समाप्त कर केंद्रीय व स्थानीय शासन की व्यवस्था, चुनाव सुधार व भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन पर जोर है।
प्रतिनिधि सभा चुनाव के लिए तैयार मेनिफेस्टो में आर्थिक समृद्धि के छह आधार बताए गए। महेंद्र राजमार्ग को तीन वर्षों में विश्वस्तरीय बनाने व ऊर्जा उत्पादन के दशक का वादा किया।
‘कुचल जाएंगे, भ्रष्ट नहीं’ के नारे के साथ भ्रष्टाचार रोकने के कड़े कदम सुझाए, जिसमें 1990 के बाद संपत्ति जांच व जब्ती शामिल। छुआछूत, जातिवाद व धार्मिक भेदभाव को अपराध बनाने का प्रावधान है। सभी समुदायों के धार्मिक अधिकारों की सुरक्षा का वचन है।
सुशासन, स्थिरता व न्याय से नेपाल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य है। यह घोषणापत्र देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।