महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर मुंबई का बाबुलनाथ मंदिर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा। शिव भक्तों का अपार जनसैलाब उमड़ा, जो महादेव के चरणों में अपनी आराधना चढ़ाने को बेताब दिखा। यह पर्व आस्था और विश्वास का प्रतीक है, जहां शिव की कृपा से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
पूर्व तैयारियां देखने लायक रहीं। कतारबद्ध व्यवस्था में सभी को दर्शन का अवसर मिला, विशेषकर कमजोर वर्गों के लिए प्राथमिकता। शेड और जल व्यवस्था ने सुविधा बढ़ाई। पुजारी ने मुंबई पुलिस की मदद की सराहना की, जो सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक रही।
मध्यरात्रि से प्रारंभ चार प्रहर पूजन ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। विधिवत आरती और अभिषेक से शिवलिंग श्रद्धा के आंसुओं से नहाया। इस रात की पूजा को अत्यंत फलदायी माना जाता है।
मंदिर में प्रतिवर्ष लाखों आने वाले भक्तों की कहानियां प्रेरणादायी हैं। 66 वर्षीय भक्त ने शिव कृपा से प्राप्त स्वास्थ्य और पारिवारिक सौभाग्य का जिक्र किया। संकट मोचन बनकर उभरे मंदिर की एक घटना सुनाई, जब दर्शन के बाद जीवन सुधर गया। दस वर्षों से नियमित आने वाले को नई ऊर्जा मिलती है। सुबह जल्दी पहुंची महिला ने हृदयस्पर्शी अनुभव बताया।
यह उत्सव बाबुलनाथ को आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करता है, जहां सच्ची भक्ति हर मनोकामना साकार करती है। महाशिवरात्रि की यह रौनक लंबे समय तक याद रहेगी।