जयपुर। जोधपुर पुलिस ने साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के रहस्य को सुलझा दिया है। कमिश्नर ओम प्रकाश के अनुसार, फेफड़ों की गंभीर बीमारी से हृदयाघात हुआ, न कि कोई विषाक्तता या हमला।
मेडिकल बोर्ड ने कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट को मौत का कारण ठहराया, जिसमें अस्थमा या सीओपीडी की भूमिका रही। एफएसएल रिपोर्ट 11 दिनों में निष्कर्ष पर पहुंची, जहर या चोट के सबूत नकारते हुए।
28 जनवरी को बोरणाड़ा आश्रम में सर्दी-खांसी व श्वास कष्ट हुआ। देवी सिंह ने प्रोटोकॉल तोड़कर इंजेक्शन लगाए, स्थिति बिगड़ी। पल रोड अस्पताल में मौत की पुष्टि हुई।
शव आश्रम लाया गया, पुलिस हस्तक्षेप से एमजीएच पोस्टमार्टम हुआ। 30 जनवरी को बाड़मेर अंतिम संस्कार। विशेष टीम ने जांच गहन की, दवाओं पर विशेषज्ञ मत लिया।
कंपाउंडर पर लापरवाही साबित, कानूनी कदम उठेंगे। यह मामला आध्यात्मिक स्थलों पर स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती का संदेश देता है।