दिल्ली विधानसभा विशेषाधिकार समिति ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए 20 फरवरी की डेडलाइन थमा दी। आतिशी के बयान वाले वीडियो पर दर्ज एफआईआर का मामला गरमाया हुआ है। अधिकारी ने शनिवार को जानकारी साझा की।
पंजाब गृह विभाग के एसीएस, डीजीपी और जालंधर कमिश्नर को निर्देश हैं कि वे सभी दस्तावेज जमा करें। इसमें शिकायत के परिशिष्ट, एफआईआर, तकनीकी सेल की रिपोर्ट और फोरेंसिक विश्लेषण शामिल हैं।
जालंधर पुलिस ने वीडियो को सिख गुरुओं का अपमान बताते हुए कार्रवाई की थी, जो छेड़छाड़ का शिकार होने का दावा है। समिति इसे गंभीरता से ले रही है।
नियमों का हवाला देते हुए कहा गया कि समय पर जवाब न मिला तो अवमानना का केस बनेगा। पंजाब ने पहले वक्त मांगा था, लेकिन अब सर्कस ऑफ हैंड्स साफ है।
राजनीतिक दलों के बीच यह जंग नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई। पंजाब का अगला कदम तय करेगा कि विवाद सुलझेगा या कोर्ट की दहलीज पर पहुंचेगा।