भारतीय जनता पार्टी ने 14 फरवरी को लखनऊ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य संगठन को बूथ तक मजबूत बनाना है। बाबू बनारसी दास यूनिवर्सिटी के सभागार में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में इसे कार्यकर्ता सशक्तिकरण का मील का पत्थर बताया गया।
अंत्योदय, एकात्म मानववाद और राष्ट्र सर्वोपरि के सिद्धांतों पर टिका यह अभियान ऐतिहासिक है। ओमप्रकाश धनखड़ ने प्रशिक्षण को कार्यकर्ता की लगातार कुशलता बढ़ाने वाली कड़ी कहा, ‘सीखना बंद हुआ तो विकास रुक गया।’ दीनदयाल का दर्शन पार्टी की संस्कृति का आधार बनेगा।
प्रशिक्षण का ढांचा व्यवस्थित है- प्रदेश पर तीन दिवसीय, जिला दो दिवसीय, मंडल 24 घंटे का, बूथ दो सत्रों वाला। पंकज चौधरी के अनुसार, यह अभियान विचारों से मजबूत, अनुशासित और सेवा मुग्ध कार्यकर्ता तैयार करेगा, मुखर्जी के मंत्र और उपाध्याय दर्शन से प्रेरित।
धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रशिक्षित बूथ स्तरीय कार्यकर्ता ही संगठन की ताकत हैं। यह केवल कार्यक्रम नहीं, सतत निर्माण प्रक्रिया है जो एकता और राष्ट्र लक्ष्य को नई जान फूकेगी। अनूप गुप्ता प्रदेश संयोजक बने, सहसंयोजकों में बृज बहादुर, त्रयम्बक त्रिपाठी, कठेरिया, अग्रवाल, श्रीवास्तव, चौबे, चंदेला शामिल।
राजनीतिक रणभेरी के समय यह पहल भाजपा को जमीनी स्तर पर अटल बनाएगी, वैचारिक स्पष्टता और क्रियाशीलता सुनिश्चित कर सफलता की राह प्रशस्त करेगी।