उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नई गति आ रही है। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने शनिवार को पीकप भवन में यूपीडा अधिकारियों के साथ बैठक कर एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति जांची। संचालित, बन रही और प्रस्तावित सभी परियोजनाओं पर चर्चा हुई।
मुख्य ध्यान गंगा एक्सप्रेसवे पर रहा, जो मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी लंबा है। अधिकारियों के अनुसार, मुख्य सड़क तैयार है। वाहनों के आने से पहले सुरक्षा कार्य तेज हैं। मौजूदा एक्सप्रेसवेवों की तार फेंसिंग से समस्या बढ़ी है—लोग काटते हैं, पशु सड़क पर घुसते हैं, हादसे होते हैं।
समाधान के रूप में 295 किमी पर मजबूत बाउंड्री और क्रैश बैरियर लगाए जा रहे। इससे सुरक्षित संचालन सुनिश्चित होगा और जल्द लोकार्पण संभव।
मंत्री ने विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल लिंक, मेरठ-हरिद्वार, चित्रकूट-रीवा, चित्रकूट लिंक, लखनऊ लिंक (आगरा-लखनऊ से पूर्वांचल जोड़ने वाला), फर्रुखाबाद लिंक (गंगा से आगरा-लखनऊ), जेवर लिंक (यमुना-जेवर हवाईअड्डा-बुलंदशहर-गंगा), झांसी लिंक एक्सप्रेसवे का शिलान्यास अक्टूबर 2026 तक कराने को कहा।
सरकारी आदेशों का पालन अनिवार्य। यूपीडा में पुराने deputees को वापस भेजें, नई भर्ती के लिए विज्ञापन दें। विवादित जमीनों पर सावधानी बरतें।
उत्तर प्रदेश का यह विस्तार राज्य को आर्थिक विकास का नया आयाम देगा।