साउथ ब्लॉक में कैबिनेट की आखिरी बैठक ने सड़क-रेलवे के 1,60,504 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देकर इतिहास रच दिया। शनिवार को रेल एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बयान जारी किया। आगे से बैठकें सेवा तीर्थ में होंगी, जहां पीएम मोदी ने पीएमओ समेत प्रमुख कार्यालयों का शिलान्यास किया।
बैठक में शहरी चुनौती कोष के तहत 1 लाख करोड़ की योजना पास हुई, जिसमें केंद्र 25% मदद करेगा यदि बाजार से 50% फंड सुनिश्चित हो।
रेलवे को बूस्ट मिला तीन मल्टी-ट्रैक प्रोजेक्ट्स से, कुल 18,509 करोड़ की लागत से 389 किमी नया नेटवर्क चार राज्यों के 12 जिलों में। स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए फंड ऑफ फंड्स 2.0 पर 10,000 करोड़ खर्च।
सड़कों पर फोकस: महाराष्ट्र का एनएच-160ए घोटी-पालघर 154.635 किमी खंड 3,320 करोड़ में नया रूप, तेलंगाना का हैदराबाद-पणजी कॉरिडोर एनएच-167 चार लेन 3,175 करोड़ में, गुजरात एनएच-56 दो सेक्शन 4,584 करोड़ में अपग्रेड।
इन फैसलों से कनेक्टिविटी मजबूत होगी, व्यापार आसान बनेगा और विकास की रफ्तार तेज होगी। मोदी सरकार का इंफ्रा विजन देश को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।