म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के मंच से ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने यूरोप को हार्ड पावर पर केंद्रित होने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यह आधुनिक युग की प्रमुख शक्ति है। शुक्रवार से रविवार तक चली इस 62वीं बैठक में वैश्विक नेता जुटे, जिनमें 60 से ज्यादा देशों के शीर्ष अधिकारी, 50 अंतरराष्ट्रीय संगठन प्रमुख शामिल हुए।
स्टार्मर का उद्घोष जोरदार था: ‘चौराहा नहीं, सीधा रास्ता है। हार्ड पावर ही आज की करेंसी है।’ यूरोप को आक्रमण रोकने और जरूरत पर युद्ध लड़ने की तैयारी रखनी चाहिए, ताकि लोग, मूल्य और जीवन सुरक्षित रहें। उन्होंने आत्मनिर्भरता पर बल दिया।
ब्रेक्जिट के बाद के दौर में उन्होंने ईयू सिंगल मार्केट से जुड़ाव बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। रक्षा उद्योग में नई क्रांति लाने के लिए सहयोग का आह्वान किया। ‘जहां फायदा दोनों को हो, वहां आर्थिक निकटता लाएं,’ उन्होंने कहा।
ईयू चीफ वॉन डेर लेयेन ने समर्थन देते हुए कहा कि सुरक्षा व अर्थव्यवस्था में गहरा सहयोग जरूरी। ब्रेक्जिट 10 साल पुराना हो चुका, फिर भी यूरोप-ब्रिटेन का रिश्ता अटूट है।
स्टार्मर का यह बयान यूरोपीय एकता को नई गति देगा। सैन्य व आर्थिक मजबूती से भविष्य सुरक्षित होगा।