एयर कार्गो क्षेत्र की तेजी से उभरती कंपनी स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड को बड़ा झटका लगा है। ब्रिटेन की पीजी पेपर कंपनी लिमिटेड ने दिल्ली ईओडब्ल्यू में 480 करोड़ के घोटाले की एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें स्काईवेज के अलावा आठ अन्य फर्में आरोपी हैं।
पीजी पेपर, जो कागज-पैकेजिंग के वैश्विक व्यापार में सक्रिय है, ने क्रॉस-ट्रेड शिपमेंट के लिए बैक-ऑफिस सहायता हेतु आरपीके कंसल्टेंट्स को हायर किया था। वहां लोकेश चोपड़ा ने स्काईवेज ग्रुप की कंपनियों को फ्रेट सेवाएं देने के लिए सुझाया।
शिकायत में खुलासा हुआ कि चोपड़ा व निदेशकों ने साजिश रची। शिपमेंट बुकिंग में फर्जीवाड़ा, अवसरों का दुरुपयोग और ऊंची दरें वसूलना इसका हिस्सा था। इससे पीजी पेपर को करोड़ों का चूना लगा। आरोपों में धन शोधन, विदेशी मुद्रा उल्लंघन व आपराधिक साजिश शामिल हैं।
स्काईवेज का पक्ष है कि एफआईआर ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के बाद दर्ज हुई। ‘हम रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में विवरण डालेंगे। कानूनी प्रक्रिया चल रही है और विकल्प तलाशे जा रहे हैं,’ कंपनी ने कहा। 2025 में 48 करोड़ से अधिक राशि जुटाने के बाद आईपीओ का आकार बदल सकता है।
यह विवाद निवेश बैंकरों व नियामकों के लिए सतर्कता का संकेत है। स्काईवेज की बाजार में एंट्री पर असर पड़ेगा। भविष्य में ऐसी साजिशों से बचाव के उपाय जरूरी हैं।