पाली में डोडा तस्करों से मुठभेड़ के बाद उपजे पोस्टमार्टम विवाद का अंत हो गया। मेडिकल बोर्ड की देखरेख में शव परीक्षण शुरू होने से मोर्चरी पर सन्नाटा छा गया। परिवार और अधिकारियों के समझौते ने स्थिति को शांत कर दिया।
गुरुवार की रात एंटी नारकोटिक्स टीम को दो ट्रकों में डोडा लदे होने की सूचना मिली। सघन चेकिंग में एक ट्रक भाग निकला, दूसरे को रोक लिया। तस्करों ने पुलिस पर गोलियां चलाईं। आत्मरक्षा में गोली चली, जिसमें एक की गर्दन में लगी। इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
जब्ती में भारी मात्रा डोडा पोस्त, असलाह और गोलियां शामिल। परिजनों ने हंगामा किया, फर्जीवाड़े का शक जताया। मोर्चरी घेर ली गई। आला अफसरों ने बातचीत कर भरोसा दिलाया। शनिवार को बोर्ड से जांच पर मुहर लगी।
परिजनों की उपस्थिति में एसडीएम सिद्धार्थ सांदू व मजिस्ट्रेट ने निगरानी रखी। एक्स-रे मशीन लाई गई, गोली नजर नहीं आई। अस्पताल ले जाकर स्कैनिंग की। सीटी स्कैन ने गोली का पता लगाया, निकालने की तैयारी है।
सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर शव पैतृक स्थान को रवाना होगा। प्रशासन की पारदर्शिता ने भरोसा बढ़ाया। नशे के खिलाफ जंग में यह कदम महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।