नई दिल्ली से बड़ी खबर—पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली सीसीईए ने असम को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे दी। 18,662 करोड़ रुपये के इस ईपीसी प्रोजेक्ट में एनएच-15 पर गोहपुर-नुमालीगढ़ 4-लेन एक्सप्रेसवे बनेगा, जिसमें ब्रह्मपुत्र के तले 15.79 किमी रोड-रेल टनल होगी। यह भारत का पहला अंडरवाटर टनल होगा।
वर्तमान में 240 किमी का चक्कर लगाकर सिलघाट के पुल से गुजरना पड़ता है, जो 6 घंटे ले लेता है। नुमालीगढ़, काजीरंगा और बिश्वनाथ रास्ते में आते हैं। अब सीधी राह खुलेगी।
एनएच-15, एनएच-715 के साथ एनएफआर की रेल लाइनें जुड़ेंगी। 11 आर्थिक, 3 सामाजिक, 2 पर्यटन और 8 लॉजिस्टिक्स केंद्रों का नेटवर्क बनेगा। रेल, हवाई और जलमार्ग मजबूत होंगे।
पूर्वोत्तर के राज्यों में लॉजिस्टिक्स बेहतर होगा, खर्च कम यातायात तेज। व्यापार-उद्योग फलेगा, रणनीतिक मजबूती आएगी। लगभग 80 लाख रोजगार के अवसर खुलेंगे, विकास की नई इबारत लिखी जाएगी।