वेस्टइंडीज के दिग्गज ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान जेसन होल्डर ने अपनी कप्तानी यात्रा पर ईमानदार बातें कही हैं। जियोस्टार इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया कि 23 साल की उम्र में कप्तानी संभालना जल्दबाजी थी, क्योंकि मैदान से बाहर की जटिलताओं का उन्हें अंदाजा नहीं था।
उन्होंने बताया कि कप्तानी को उन्होंने मैच के दौरान रणनीति और टीम मैनेजमेंट तक समझा था, लेकिन चयन समिति के फैसले, खिलाड़ियों के अनुबंध और अन्य विवादों से निपटना बेहद मुश्किल रहा। यह सब संभालते हुए प्रदर्शन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण था।
फिर भी, होल्डर इस अनुभव के लिए आभारी हैं। ‘यह मुझे मजबूत बनाया, लेकिन आज की समझ से कहूं तो शायद बाद में यह जिम्मेदारी लेता,’ उन्होंने कहा। 2016 विश्व कप की मुश्किल शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि कपड़े और पैसे की दिक्कतों के बावजूद टीम ने कमबैक किया और चैंपियन बनी।
होल्डर का सपना वेस्टइंडीज क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाना था। ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक बदलाव लाने की उनकी कोशिशें आज भी प्रासंगिक हैं। टी20 विश्व कप 2026 क्वालीफायर में दो जीत के साथ ग्रुप टॉपर वेस्टइंडीज उनकी मेहनत का फल दिखा रही है।