लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी को अमेरिकी व्यापार नीतियों और कपास किसानों पर ‘झूठी कहानी’ बुनने के आरोप में बहस का खुला न्योता दिया है।
राहुल के एक्स पोस्ट में मोदी सरकार पर गुमराह करने का इल्जाम लगाया गया था, जिसमें भारतीय वस्त्रों पर 18% अमेरिकी शुल्क और बांग्लादेश को लाभ का जिक्र था। दुबे ने इसे ‘बड़ा झूठ’ करार देते हुए कपास आयात की सच्चाई पर बहस की पेशकश की।
उन्होंने कपास का घरेलू उत्पादन, मिलों की जरूरतें और आयात के कारणों पर स्पष्ट आंकड़े मांगे। किसानों की आय, मिलों की लाभप्रदता और निर्यात संतुलन जैसे पहलुओं को रेखांकित किया।
दुबे ने राहुल के विदेशी समर्थन, सोरोस जैसे नामों और नक्सल से जुड़े कथित लिंक पर भी निशाना साधा। किसी भी मंच पर तथ्यों से जवाब देने को तैयार हैं, उनका दावा।
हालिया लोकसभा में राहुल को अयोग्य करने की मांग के बाद यह बयान आया, जिसमें 1978 का ऐतिहासिक उदाहरण दिया। संसद सत्रों से ठीक पहले यह टकराव राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।
कपास क्षेत्र की वास्तविकताओं पर बहस किसानों के हित में होगी, वरना यह महज राजनीतिक ड्रामा रहेगा। दुबे की ललकार ने विपक्ष को कठघरे में ला खड़ा किया है।