बांग्लादेश में संसदीय चुनावों ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। बीएनपी और सहयोगियों ने 212 सीटें ले लीं, वहीं 41 दलों का खाता तक नहीं खुला। 299 सीटों पर गुरुवार को चले मतदान और रेफरेंडम के बाद ये परिणाम सामने आए। 59 में से 50 पार्टियों ने दांव लगाया, लेकिन सिर्फ नौ जीतीं।
बीएनपी के नाम 209 सीटें, बीजेपी, गोनोसंहति और जीओपी को एक-एक। जमात गठबंधन ने 77 पर कब्जा किया- जमात 68, एनसीपी 6, बांग्लादेश खिलाफत मजलिस 2 और खिलाफत मजलिस 1। कई सहयोगी जैसे एलडीपी, जेएजीपीए और लेबर पार्टी असफल रहीं।
विशेषज्ञों ने गठबंधन रणनीति, ध्रुवीकरण और टैक्टिकल वोटिंग को कारण बताया। रंगपुर-कुरिग्राम की जापा को चारों सीटों पर पटखनी, तीन जमानतें जब्त। 50,000 टका जमानत बचाने के लिए आठवें वोट हिस्से की शर्त ने कई को पस्त किया।
ये चुनाव बांग्लादेश में बड़े ब्लॉकों की श्रेष्ठता साबित करते हैं। बीएनपी को अब बाढ़, महंगाई और क्षेत्रीय तनावों से जूझना है, जो इस जीत की असली परीक्षा होगी।