आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में तीन रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी प्रदान की है, जिनकी लागत 18,509 करोड़ रुपये है। कसारा-मनमाड, दिल्ली-अंबाला और बल्लारी-होस्पेटे खंडों पर नई लाइनों से रेल नेटवर्क में 389 किलोमीटर का इजाफा होगा।
ये परियोजनाएं चार राज्यों के 12 जिलों को जोड़ेंगी, 3,902 गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत करेंगी और 97 लाख आबादी को फायदा पहुंचाएंगी। परिचालन दक्षता बढ़ेगी, यात्रा सुगम होगी तथा मालभाड़ा क्षमता में 96 मिलियन टन सालाना वृद्धि होगी।
पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान का हिस्सा होने से लॉजिस्टिक्स और मल्टी-मोडल संपर्क में सुधार होगा। श्री घाटंदेवी, हम्पी विश्व धरोहर, तुंगभद्रा बांध जैसे पर्यटन स्थलों तक आसान पहुंच बनेगी। कोयला, उर्वरक, खाद्यान्न जैसे सामानों का परिवहन तेज होगा।
ईको-फ्रेंडली रेलवे से 22 करोड़ लीटर पेट्रोलियम बचत और 111 करोड़ किलो सीओ2 कटौती होगी, जो जलवायु लक्ष्यों को सशक्त बनाएगी। ये प्रयास रोजगार सृजन, स्वरोजगार और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेंगे।