मुंबई के संगीत परिदृश्य में उथल-पुथल मची है, जहां मेल प्लेबैक सिंगर्स के ऊंचे स्वर फीमेल कलाकारों की भूमिका को नया आकार दे रहे हैं। दिग्गज गायक बाबुल सुप्रियो ने इस प्रवृत्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मेल सिंगर्स इतने ऊंचाई पर गा रहे हैं कि होनहार महिलाएं निम्न स्वरों तक सीमित हो रही हैं, जो उनकी वास्तविक प्रतिभा को नुकसान पहुंचा सकता है।
बातचीत के दौरान उन्होंने प्लेबैक सिंगिंग के क्रांतिकारी परिवर्तनों का उल्लेख किया। अब गीतों में लिप-सिंक की जगह स्थायी बैकग्राउंड संगीत ने ले ली है। उदाहरण के तौर पर सीलेन डायन का ‘माय हार्ट विल गो ऑन’ गाना पेश किया, जो टाइटैनिक में पृष्ठभूमि संगीत के रूप में चमका।
अरिजीत सिंह द्वारा प्लेबैक से संन्यास लेकर इंडिपेंडेंट म्यूजिक अपनाने पर बाबुल ने तारीफ की। अरिजीत को चतुर, गहन और सर्वश्रेष्ठ गायकों में शुमार बताया। प्रशंसकों को सुझाव दिया कि हंगामा न करें, चुपचाप प्रतीक्षा करें और उनकी नई रचनाओं का आनंद लें।
यह विचार-विमर्श हिंदी सिनेमा के संगीत क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों को उजागर करता है, जो कलाकारों के लिए नई चुनौतियां और अवसर ला रहा है।