औरंगाबाद जिले में 29 जनवरी को मोती बिगहा गांव की पांच नाबालिग लड़कियों ने मौत को दावत दी। जहर का स्वाद जानने की जिद ने चार जिंदगियां लील लीं। बची एक लड़की के बयान से खुलासा हुआ कि यह एक खतरनाक शरारत थी। पूरा इलाका सदमे में डूबा है।
14 साल की उत्तरजीवी ने बयान दिया कि खेत में जाकर दोस्त ने चुनौती दी, ‘इस जहरीली चीज को खाकर देखो।’ बगुले मारने वाले पॉइजन को पानी के साथ लिया। मैंने मुश्किल से चखा और उगार दिया। बाकी चार सहेलियां 12-15 साल की, तड़प-तड़प कर मर गईं। घर लौटकर परिजनों ने नीम का इलाज किया।
पुलिस का कहना है कि सरस्वती पूजा पर लड़कों के साथ घूमने पर डांट पड़ी, तो बदले में सामूहिक सुसाइड का इरादा हुआ। मृतकों में से एक के पिता, महाराष्ट्र प्रवासी, इसे गलत बताते हैं। बयान दर्ज कर जांच जारी। चारों लड़कियों का एक साथ एक चिता पर दाह संस्कार कर रोते परिजन लौटे। गांव में जहर की आसानी और किशोरों की उन्मादी हरकतें चर्चा का विषय बनीं। अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है।