ईरान-अमेरिका संवाद दोनों हितों की रक्षा कर सकता है, यदि यह अतिशयोक्तिपूर्ण मांगों से मुक्त रहे। रक्षा परिषद सचिव अली शमखानी ने अल जजीरा साक्षात्कार में शुक्रवार को यह संकेत दिया।
परमाणु मुद्दे पर ओमान में 6 फरवरी को पहली अप्रत्यक्ष बैठक हुई। शमखानी ने क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरे वाले कदमों से परहेज की वकालत की।
कूटनीति तनाव कम करने और समाधान को बल देने के लिए है। मिसाइल योजना ईरान की अटल लाल रेखा, बातचीत बाहर। आक्रमण पर निर्णायक प्रतिक्रिया होगी।
अमेरिकी सहयोग के बिना इजरायल हमला करने की हिम्मत नहीं करेगा। ईरान की सेना चरम सतर्कता पर, भूल का महंगा सबक मिलेगा।
क्षेत्र में अमेरिकी फौज बढ़ी, तनाव हाई, किंतु वार्ता चल रही। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने परमाणु नीति पर अडिग रुख दोहराया- ज्यादा दबाव नहीं, जांच ओके, हथियार नहीं चाहिए।