असम सरकार ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को घोषणा की कि जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत न केवल सरकारी-वन भूमि को वापस लिया जा रहा, बल्कि पुरानी सरकारों के जमाने के अपराध नेटवर्क को भी नेस्तनाबूद किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में सीएम ने उल्लेख किया कि लंबे समय से अतिक्रमणकारियों को खुली छूट मिली, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने सुरक्षित वन क्षेत्रों को अपराध का अड्डा बना दिया। इससे पर्यावरण, कानून व्यवस्था और राज्य के विकास पर भारी संकट आ गया।
सरमा ने पुनःरेखांकित किया कि उनकी सरकार वर्षों की लापरवाही को दूर करने को दृढ़ है। जिलाब्यापी अतिक्रमण हटाने की मुहिम सुरक्षित असम अभियान का अभिन्न अंग है। भूमि पुनर्लाभ वनों की हिफाजत, जैविक विविधता बचाव और पर्यावरणीय संतुलन के लिए जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिक्रमण हटाना ही पर्याप्त नहीं, अपराध के समस्त स्रोतों का उन्मूलन आवश्यक है। ऐसी बस्तियां संगठित अपराध, तस्करी आदि से जुड़ी होती हैं, जो आमजन की सुरक्षा को चुनौती देती हैं।
हालिया महीनों में तेज अभियानों से सैकड़ों हेक्टेयर जमीन हासिल की गई है। यह पहल असम को अपराधमुक्त और हरित बनाने की ओर बढ़ा रही है।