पश्चिम बंगाल में कोलकाता दक्षिण की बेहाला पश्चिम विधानसभा एक ऐसा क्षेत्र है जहां राजनीतिक इतिहास जीवंत हो उठता है। शहरी सामान्य सीट होने के बावजूद इसका सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा। वामपंथ का प्रतीक रही यह अब पूरी तरह टीएमसी के आधिपत्य में है, जबकि भाजपा पहली सफलता की ताक में है।
1951 में बनी सीट पर 1952 फॉरवर्ड ब्लॉक, फिर सीपीआई की जीतें। 1967 बंटवारे के बाद वाम का बोलबाला—11 में 9 जीतें। 2001 में पार्थ चटर्जी का आगमन सब बदल गया।
परिसीमनित सीट पर 2011 में 59 हजार वोटों की भारी जीत, 2016 में चुनौती लेकिन 2021 में भाजपा पर 50 हजार वोट। पांचवीं बार टीएमसी।
लोकसभा लीड्स लगातार: चार चुनावों में बढ़त बरकरार। मतदाता संख्या बढ़ी।
उच्च मतदान विधानसभा में, लोकसभा में औसत।
इतिहासिक महत्व: डायमंड हार्बर रोड, बाजार, पूजा, मेट्रो सुविधा, परिवहन केंद्र करीब।
टीएमसी नौ बार आगे, 2026 में मजबूत। भाजपा को कड़ी मेहनत, गठबंधन ढीला। भविष्य क्या?