जिले के गुवा प्रखंड में लगातार बढ़ते आक्रोश के बीच शुक्रवार को करीब 300 ग्रामीणों ने राजाबुरू लौह अयस्क खदान के खिलाफ सेल के जनरल ऑफिस पर धरना-प्रदर्शन किया। कासिया पेचा से लेकर छोटानागरा तक के 11 गांवों के आदिवासी समुदाय ने एकत्रित होकर अपनी एकता का परिचय दिया।
मंगता सुरीन के नेतृत्व में चले इस जुलूस में पारंपरिक हथियार लिए ग्रामीणों ने गुवा बाजार को नारों से गुंजायमान कर दिया। ज्ञापन में खदान प्रभावित क्षेत्रों से 500 स्थानीय युवाओं को रोजगार, 75 फीसदी स्थानीय भर्ती व 40 फीसदी महिलाओं को हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
1919 से संचालित खदान से अकूत खनिज संपदा निकलने के बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि विकास का कोई लाभ नहीं मिला। पेसा अधिनियम का उल्लंघन न करें, ग्रामसभा की सहमति अनिवार्य हो, ऐसी चेतावनी दी गई। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की जांच व पारदर्शिता की अपील की गई।
सात दिनों के अंदर मांगें न मानी गईं तो सड़कें व खदान अवरुद्ध करने की धमकी दी। यह घटना खनन कंपनियों व स्थानीय समुदायों के बीच संवाद की आवश्यकता को रेखांकित करती है।