केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आवास वित्त के बदलते परिदृश्य पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि होम फाइनेंस को आम आदमी के लिए आसान और सस्ता बनाने हेतु सभी पक्षों को एक साथ आना होगा। उन्होंने शहरी नियोजन में परिवहन और आवास के एकीकरण पर बल दिया।
उन्होंने नीतिगत सुधारों के साथ राष्ट्रीय आवास एक्सचेंज का सुझाव दिया, जिसमें पूरे देश के आवासों का डेटा होगा। इससे नौकरी वालों को नजदीकी घर मिलेंगे और विनिमय प्रक्रिया यात्रा को कम करेगी।
नीति आयोग-गृह मंत्रालय के रिपोर्ट के अनुसार, शहरी जनसंख्या 2021 के 50 करोड़ से 2050 में 85 करोड़ पार कर जाएगी, जिससे सस्ते घरों की जरूरत बढ़ेगी।
मंत्री ने TOD मॉडल से सस्टेनेबल इंफ्रा बनाने और वित्तीय संस्थानों से स्टॉक व लोन बढ़ाने को कहा। पीएम मोदी के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने हर योग्य नागरिक के लिए घर का लक्ष्य रेखांकित किया।
कार्यक्रम में भारत सरकार, अंतरराष्ट्रीय संगठन, पीई फर्म्स और फाइनेंस कंपनियों के विशेषज्ञ मौजूद थे, जो शहरी विकास के अवसरों पर विचार-विमर्श का केंद्र रहा।