बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बीएनपी की बंपर जीत पर भारत ने लोकतंत्र की शर्तें रखीं। वीणा सिकरी ने कहा—चुनाव सबको शामिल किए बिना लोकतांत्रिक नहीं। पीएम मोदी ने तारिक रहमान को बधाई संदेश भेजा और बात की।
यूनुस सरकार को सिकरी ने सत्ता परिवर्तन का खेल कहा, संवैधानिक आधारहीन। अवामी लीगविहीन 18 माह में अल्पसंख्यक हिंसा के शिकार—मृत्यु, लूट, व्यवसाय नष्ट। लोग भयभीत।
महिलाओं पर अत्याचार, स्वतंत्रता छीनी, नैतिक पुलिस का डर। अनिश्चय बढ़ा, चुनाव आयोजित लेकिन सभी को प्रतिनिधित्व नहीं। जमात का पाकिस्तान経由 पश्चिमी समर्थन।
जमात ने लोकतांत्रिक तंत्र उखाड़ फेंका, अपने लोग थोपे, वोट धांधली की। इस्लामी कट्टरता का विस्तार, शरिया मांग छोड़ी अमेरिका के दबाव में। बीएनपी जीत प्रगतिशील शक्तियों की जीत।
हसीना ने भारत सुरक्षा मानकर संबंध मजबूत किए, विकास हुआ। यूनुस काल में दुश्मनी, अर्थव्यवस्था डूबी। भारत ने समावेशिता पर बल दिया, मोदी संदेश में प्रगतिशील बांग्लादेश का आह्वान। अवामी लीग बहाली जरूरी। आर्थिक सुधार के लिए भारत जरूरी साझी।