कुमाऊं मंडल में केंद्रीय बजट 2026-27 की मेडिकल टूरिज्म संबंधी घोषणा ने उत्साह भर दिया है। संसद में पेश बजट में पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने का प्रस्ताव है, जो निजी कंपनियों के साथ मिलकर काम करेंगे। इन हब्स में इलाज, शिक्षा, रिसर्च, आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक्स, पोस्ट-केयर और रिहैबिलिटेशन सब एक छत के नीचे होंगे। पहाड़ी इलाकों के लिए यह वरदान साबित होगा, जहां प्रकृति ने पहले ही सब कुछ समेट रखा है।
नैनीताल-भवाली को हेल्थ टूरिज्म का केंद्र बनाने की राह आसान हो गई है। होटल एसोसिएशन सचिव वेद साह के अनुसार, भवाली का पुराना सनेटोरियम टीबी उपचार का प्रसिद्ध केंद्र था। इसका पुनर्निर्माण आधुनिक अस्पताल में हो तो मरीजों को दूर जाने की जरूरत न पड़े। जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी बोले कि राज्य की स्वच्छ हवा, ऑर्गेनिक खान-पान और प्राकृतिक पर्यावरण रिकवरी में मददगार साबित होंगे।
रामजे अस्पताल व सनेटोरियम को श्वसन रोगों व क्रॉनिक बीमारियों के लिए तैयार किया जा सकता है। योग, आयुष, लोक संस्कृति, होमस्टे और वेलनेस गतिविधियों से मरीजों को ‘हीलिंग विद हॉस्पिटैलिटी’ का अनुभव होगा। बजट के वीजा आसान करने, सिंगल विंडो और विदेशी पहुंच के प्रावधान पर्यटन राज्य के लिए फायदेमंद हैं।
यदि यह क्षेत्र हब का हिस्सा बना या विशेष प्रोजेक्ट पा गया तो उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार अवसर, होटल उद्योग को उछाल और आर्थिक मजबूती सुनिश्चित होगी। कुमाऊं मेडिकल टूरिज्म के नक्शे पर चमकने को तैयार है।