संसद भवन में बजट सत्र के पहले भाग का आज अंतिम दिन था, लेकिन लगातार हंगामे ने इसे बदनाम कर दिया। शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार पर सदन को ठप करने का इल्जाम लगाया, कहा कि यह सत्र इतिहास में काले अक्षरों से लिखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि लोकतांत्रिक मूल्यों का यहां अपमान हुआ। गंभीर विषयों पर कोई बात नहीं हो सकी। ‘सदन ठीक से नहीं चला, जरूरी सवाल अनुत्तरित रहे,’ उन्होंने जोर देकर कहा।
राहुल गांधी द्वारा पूर्व आर्मी चीफ की गलवान और नेतृत्व संबंधी किताब पढ़ने पर लगे ब्रेक का खुलासा किया। ऐसी किताबें उनके कार्यकाल पर हैं, लेकिन इसे देशद्रोही करार दे दिया गया।
पीएम की बहस से दूरी, महिलाओं पर अपमानजनक बयान और विपक्ष निष्कासन को शर्मनाक बताया। बजट को जनविरोधी करार देते हुए महंगाई जैसी परेशानियों की उपेक्षा पर नाराजगी जताई।
भारत-बांग्लादेश रिश्तों में आई दरार पर अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हिंसा और लिंचिंग की पोल खोली। सत्र का यह स्वरूप भविष्य के लिए चिंताजनक संदेश देता है।