भारत और इजरायल कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अपने बंधन को और सशक्त बनाने जा रहे हैं। अगले हफ्ते नई दिल्ली के ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में दोनों देश जलवायु नवाचार, डिजिटल बदलाव और जिम्मेदार तकनीक पर फोकस करेंगे। शुक्रवार के बयान में कहा गया कि सहयोग कृषि सुधार, कौशल निर्माण और एआई के नैतिक उपयोग पर होगा।
इजरायली दूतावास के अनुसार, उच्च स्तरीय टीम का नेतृत्व इलान फ्लस कर रहे हैं, जो विदेश मंत्रालय के पूर्व राजदूत और ईडीटीएस समन्वयक हैं। टीम में तकनीकी जानकार, शोधकर्मी और नीति विशेषज्ञ हैं, जो एआई, जल लचीलापन, ईएसजी, डिजिटल शासन और सतत इनोवेशन में योगदान देंगे।
फ्लस का मानना है कि एआई क्रांति में भारत-इजरायल नैतिक नवाचार का उदाहरण पेश करेंगे। यह गठबंधन तकनीक और मूल्यों का संतुलन दिखाता है, जो द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देगा।
कार्यक्रम में एआई से जलवायु संकट समाधान, स्मार्ट खेती, डिजिटल संरचना, नौकरी बदलाव और सुरक्षित तकनीक पर विचार-विमर्श होगा। हरित निवेश और भागीदारी मॉडल पर भी ध्यान रहेगा।
माया शेरमैन ने कहा कि दोनों देश जनहितैषी तकनीक पर भरोसा करते हैं। समिट सहयोग को नई ताकत देगा।
पूर्व तैयारी में दूतावास ने शिक्षा-उद्योग-सरकार संवाद बढ़ाए। भारत मंडपम मुख्य स्थल बनेगा, जहां आईआईटी रोपड़, धीरूभाई अंबानी विश्वविद्यालय और द डायलॉग संग मिलकर एआई प्रगति सुनिश्चित होगी।