बांग्लादेश में बीएनपी के नेतृत्व में चुनाव परिणाम आने के बाद भारतीय राजनीतिक नेताओं ने बहुआयामी प्रतिक्रियाएं दीं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया, अल्पसंख्यक सुरक्षा और द्विपक्षीय हितों पर चर्चा छाई रही।
शिवसेना की शाइना एनसी ने आईएएनएस को बताया कि चुनावों का यही स्वरूप है। पीएम मोदी की बधाई और एकनाथ शिंदे के विचारों के अनुरूप समावेशी बांग्लादेश चाहिए जो अवैध प्रवास रोके। दोनों देशों के लिए सीमा सुरक्षा अनिवार्य है।
भाजपा के प्रतुल शाह देव ने लोकतंत्र का समर्थन किया। जदयू के राजीव रंजन ने खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की भूमिका सराही। कांग्रेस के इमरान मसूद ने हिंदू सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
भाजपा के दिलीप घोष ने शांति की आशा जताई। विक्रम रंधावा ने क्षेत्रीय स्तर पर इस्लामी कट्टरपंथी समूहों के पतन का जिक्र किया। सीपीआई(एम) के तारिगामी ने जनता के उग्रवाद प्रति रुख की तारीफ की।
पीडीपी के आगा सैयद मुंतजिर ने मतदान प्रतिशत में उछाल को लोकतंत्र की जीत बताया। ये बयान दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए भारत की प्रतिबद्धता दिखाते हैं।