समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने भाजपा के निशिकांत दुबे द्वारा राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने की मांग को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया। नई दिल्ली से उन्होंने स्पष्ट कहा कि दुबे की सदस्यता पहले समाप्त होनी चाहिए।
‘दुबे जैसा अपशब्दों का पुलिंदा कहीं और नहीं,’ यादव ने टिप्पणी की। यह बयान राजनीतिक घमासान को नई ऊंचाई देता है।
किसानों के हितों पर जोर देते हुए यादव ने कहा कि बिना टैरिफ के विदेशी खाद्यान्न से घरेलू उत्पादकों की कमर टूट जाएगी। पशु चारे के आयात से स्थिति और खराब हो रही है।
अमेरिकी पशु आहार पर चर्चा करते हुए उन्होंने चिंता जताई कि नॉनवेज भोजन करने वाली गायों का दूध अपवित्र होगा। ऐसा दूध धार्मिक कार्यों में अयोग्य साबित होगा। कुछ लोग धर्म के नाम पर अधार्मिकता फैला रहे हैं, उनका आरोप लगाया।
एसपी इस साजिश का डटकर मुकाबला करेगी, किसानों का समर्थन भी मिलेगा। फॉर्म-7 के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने के भाजपा के कथित खेल पर भी निशाना साधा, कहा कि वे बूथ स्तर पर पहले से ही घोषणा कर देते हैं। यादव के बयान से विपक्ष में नई जान फूटी है।